॥ छिन्नमस्ताद्वादशनामस्तोत्रं।।॥

छिन्नग्रीवा छिन्नमस्ता छिन्नमुण्डधराऽक्षता | क्षोदक्षेमकरी स्वक्षा क्षोणीशाच्छादनक्षमा || १ || वैरोचनी वरारोहा बलिदानप्रहर्षिता | बलिपूजितपादाब्जा वासुदेवप्रपूजिता || २|| इति द्वादशनामानि छिन्नमस्ताप्रियाणि यः | स्मरेत्प्रातस्समुत्थाय तस्य नश्यन्ति नश्यन्ति शत्रवः ||३||

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॥ बगलामुखीदशनामस्तोत्रम्॥

माँ बगलामुखी का विचित्र चित्रपट्ट

माँ पीताम्बरा राजराजेश्वरी भगवती बगलामुखी के अत्यन्त गोपनीय दस नामो वाल यह दिव्य दुर्लभ स्तोत्र हैं । इस स्तोत्र की फलश्रुति के अनुसार जो साधक शत्रुमुखस्तम्भनकरी बगलामुखी माँ के इस स्तोत्र का पाठ करता है वह देवी पुत्र होता हैं , मन्त्र सिद्ध होता हैं । ह्ल्रीं बगला सिद्धविद्या च दुष्टनिग्रहकारिणी । स्तम्भिन्याकर्षिणी चैव तथोच्चाटटनकारिणी ॥ भैरवी भीमनयना महेशगृहिणी शुभा । दशनामात्मकं स्तोत्रं पठेद्वा पाठयेद्यदि ॥ स भवेत् मन्त्रसिद्धश्च देवीपुत्र इव क्षितौ ॥