॥ अथर्वणसाम ॥

अथर्वण परम्परा में आदिम मन्त्र शन्नो देवी मन्त्र के साम का गायन विशेष आथर्वणिक कर्मकाण्डों में किया जाता हैं । इस साम के ऋषि अथर्वा , छन्द गायत्री तथा आपो देवता हैं । अथर्वणसाम की आधारभूत सामयोनि अथर्ववेद का प्रथम मन्त्र “ॐ शं नो॑ दे॒वीर॒भिष्ट॑य॒ आपो॑ भवन्तु पी॒तये॑ । शं योर॒भि स्र॑वन्तु नः ॥हैं।

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